ज्योतिष

वसंत ऋतु पर कविता, "देखो फिर से आई बसंत"

Radha Sharma | February 19, 2021 12:57 PM
Punjab Tribune Bureau

देखो फिर से आई बसंत 

पीली-पीली सरसों खिली है

फूलों पर छाई मकरंद
देखो फिर से आई बसंत|

मंद-मंद है पवन सुहानी
नहीं जगत में इसका कोई सानी
सबके दिलों की है यह रानी
भरती हमारे दिलों में उमंग
देखो फिर से आई बसंत|

 

खिली-खिली है क्यारी-क्यारी
पेड़ पौधों की छवि न्यारी
मधु ऋतु है मधुमास प्यारी
भरती प्रकृति में नवरंग
देखो फिर से आई बसंत|

Radha Sharma
 

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